न्यूज महम शुगर मिल के सामने पानी स्टोर करने के लिए बनाए गए जलघर के टैंक इस बार खाली रह गए हैं। दोनों टैंकों में 8 फीट तक पानी एकत्रित करने की क्षमता है लेकिन उनमें फिलहाल 4 फीट ही पानी भरा हुआ है। जाहिर है आने वाले दिनों में शहरवासियों को पानी के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ेगी। जलापूर्ति विभाग ने कम पानी के चलते घरों में दिए जाने वाली सप्लाई के शैडयूल को चेंज कर दिया है। पहले एक दिन छोड़कर तीसरे दिन घरों में सप्लाई दी जाती थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर चौथे दिन कर दिया है। 30 हजार से अधिक आबादी को पानी देने के लिए महम में दो जलघर बनाए गए हैं। स्टोरेज के लिए बने अधिकतर टैंक लीकेज हैं। उनका पानी जमीन सोख लेती है। साथ में ट्यूबवेल लगाए गए हैं। वे भी इसी पानी को खींचकर रिचार्ज होते हैं। शहरवासियों ने बताया कि शुगर मिल से आगे जुई फीडर नहर 3 सप्ताह तक चली मगर टैंकों के अंदर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाया। इसके पीछे नहर से जलघर तक बिछाई गई पाइपलाइन में जमी सिल्ट व लीकेज बताई गई है। शहरवासी राकेश भारद्वाज, शंकर, मनबीर, सुंदर ने बताया कि शुगर मिल के सामने स्थित जलघर के टैंकों की सफाई नहीं हुई है। यहां दो से तीन फीट तक गंदगी (सिल्ट)जमा है। उन्होंने बताया कि शहर से जलघर तक पानी लाने वाले पाइप भी जगह जगह से लीकेज हैं। गेहूं कटाई के चलते लीकेज पाइप से खेतों में पानी जा रहा था। किसानों ने विरोध किया तो विभाग ने नहर से आने वाले पानी का लेवल कम कर दिया। इसके अलावा पाइपों में जमा सिल्ट भी नहीं निकाली गई। नतीजतन टैंकों में पानी की आपूर्ति कम हुई। उन्होंने कहा कि टैंकों की क्षमता 8 फीट तक पानी जमा करने की है। लेकिन गंदगी के कारण टैंक पहले से ही तीन फीट तक भरे पड़े हैं। पानी सप्लाई की नाली भी नीचे लगाई गई है जिससे लेवल मेंटेन नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि यदि विभागीय अधिकारी समय पर पाइपों की सिल्ट निकलवाने सहित लीकेज को सही करवा देते तो टैंकों में अधिक पानी एकत्रित हो सकता था। अब कम पानी के चलते विभाग ने चौथे दिन घरों में सप्लाई शुरू कर दी है जो गर्मी को देखते हुए सही नहीं है। शहरवासियों ने बताया कि जहां दूसरे शहरों में सुबह-शाम या दूसरे दिन पानी की सप्लाई घरों में आती है वहीं महम जैसे शहर में चौथे दिन पानी की सप्लाई देना लोगों के लिए भद्दा मजाक है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों विश्राम ग्रह में आए चीफ इंजीनियर ने जल्दी ही व्यवस्था बनाकर प्रति दिन पानी देने का आश्वासन दिया था। लेकिन उनका पासा उल्टा पड़ गया। अब तीसरे दिन की बजाय विभाग ने चौथे दिन पानी देना शुरू कर दिया है।
फोटो: महम जलघर में जमा गंदगी व पानी