रामलला के दर्शनों को आए श्रद्धालुओं की श्रद्धा को अयोध्या स्थित राम कथा पार्क में एक नया आयाम मिल रहा है भक्ति गीतों के साथ नृत्य के द्वारा कलाकारो की प्रस्तुति में सभी डूब जाते है अपराह्न सत्र में पूज्य उज्ज्वल शांडिल्य जी के द्वारा रामकथा के बाद के सत्र में पहले अवधी लोकगायक अंकित उपाध्याय ने सांवरिया जय राम रघुबर की गाकर शुरुआत की इसके बाद दुनिया में देव हजारों से प्रभुराम जी की आराधना की अंबरीस चंद्र पांडेय ने भक्ति की धारा को बढ़ाते हुए भजन प्रस्तुत किया कोई आया सखी,फुलवरिया में तो महिलाएं सहज भाव से उठकर नृत्य करने लगी मिथिला में भी रामजी के सुदर्शन रूप पर न्योछावर स्त्रियों के भावों को पहुना के गरियाइया जिन गाकर व्यक्त किया सभी उल्लासित हो गए लखनऊ से आए कथक के प्रख्यात कलाकार राघवेंद्र प्रताप सिंह ने नृत्य नाटिका के द्वारा मंच पर चक्रवर्ती जी द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ चारो राजकुमारों के जन्म से लेकर सीता स्वयंवर तक का प्रसंग मंचित करके सभी को मोह लिया ठुमक चलत राम चंद्र पर कलाकारो का ममत्व और धनुष भंग के पूर्व जनक जी की पीड़ा का दृश्य सभी को भावुक कर गया तालियों की गूंज में इस प्रस्तुति के बाद मंच पर प्रतिमा यादव के दल ने पारंपरिक पचरा बाजन बजत बधाइयां गया तो उपस्थित ग्रामीण अंचल की की महिलाओं को को मानो स्वर मिल गया हो इसी वातावरण में राम के बियाह में बनके बरातिया चलब जैसे गया सभी झूमने लगे।पूरे पांडाल में भक्तिरस का संचार हो गया लोक में डूबे श्रदालुओ को इशिका त्रिपाठी के दल की नृत्य नाटिका त्रेता युग का अहसास कराया जब मंच पर कलाकारो ने मंथरा कैकेई के कुटिल और कैकेई दशरथ के मध्य क्रूर संवादों को प्रस्तुत किया दर्शक दम साधकर देख रहे थे अपने राम का वनवास केवट से मिलन और भरत से मिलना हर दृश्य पर उठती तालियां और सजल नेत्र स्वयं कलाकारो के समर्थ अभिनय की पुष्टि कर रहे थे त्रेता युग से निकाल कर द्वापर युग में लेकर आए पं जितेंद्र पराशर जिनके दल ने राधा कृष्ण के उदात्त प्रेम को मयूर कुटी में राधारानी के कृष्ण दर्शन को मयूर नृत्य से प्रस्तुत किया मयूरो के अनूठी नृत्य ने सभी को मोह लिया और जय सिया राम के साथ राधे राधे की गूंज सरयू तट पर सुनाई देने लगी भारी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति के मध्य उर्मिला पांडे के दल ने रामजी के प्रसंगों को नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत करके कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान किया डा जया राय के दल ने नृत्य नाटिका के माध्यम से हनुमान चालीसा को प्रस्तुत करके वाहवाही बटोर ली हनुमान जी के गुणों का वर्णन नृत्य के द्वारा देखना सभी के लिए रोमांचकारी था।कलाकारो के साथ सभी हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और तालियों से स्तुति करके कलाकारो का साथ दें रहे थे कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने किया देर रात्रि तक दर्शकों की उपस्थिति में कलाकारो का सम्मान निदेशक अंतरराष्ट्रीय रामायण एवम शोध संस्थान डा लवकुश द्विवेदी ने किया इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक अतुल कुमार सिंह दीपशिखा ऋतिका आकाश राजपूत आयुष सत्यप्रकाश समेत संतजन और भरी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे
शास्त्रीय नृत्यों और लोकभजनो से सराबोर राम कथा पार्क
February 18, 2024
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